50 लाख की रिश्वत के मामले में CBN इंस्पेक्टर सस्पेंड, जांच की आंच आगे बढ़ने की संभावना

यह कार्रवाई उस मामले के बाद हुई है, जिसमें पटना निवासी व्यवसायी आलोक सिन्हा की शिकायत पर CBI ने कथित रिश्वतखोरी का प्रकरण दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार NDPS मामले में कार्रवाई से बचाने के बदले 50 लाख रुपए की मांग की गई थी। बातचीत के बाद कथित तौर पर 20 लाख रुपए में सौदा तय हुआ और पहली किस्त के रूप में 4 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।
बताया गया है कि राशि अधिकारी के सीधे खाते के बजाय उनके रिश्तेदार के खाते में भेजी गई। डिजिटल लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर CBI ने नीमच में CBN परिसर और सरकारी आवास पर कार्रवाई की तथा आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया।
कोर्ट ने आरोपी को 14 सितंबर तक ट्रांजिट रिमांड पर भेजा है। अब CBI की पूछताछ में मामले से जुड़े अन्य लोगों और संभावित लेनदेन की जानकारी सामने आने की संभावना है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
कंटेंट के अनुसार, नीमच CBN और अफीम उत्पादन से जुड़े मामलों में पूर्व में भी CBI और ACB की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें वर्ष 2021 में तत्कालीन अधिकारी शशांक यादव से जुड़ा रिश्वत प्रकरण, 2023 में तत्कालीन नारकोटिक्स अधीक्षक डॉ. राजकुमार गर्ग की गिरफ्तारी और 2025 में इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह से जुड़ी CBI कार्रवाई शामिल है।
हालांकि, इन सभी मामलों में लगाए गए आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की कानूनी स्थिति को संबंधित जांच एवं न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर ही अंतिम रूप से देखा जाना चाहिए।
फिलहाल सिद्धार्थ श्रीवास्तव के निलंबन के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। यह जांच आगे किस स्तर तक पहुंचती है, इस पर नजर रहेगी।