चीताखेड़ा में स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री की रफ्तार धीमी, सर्वर की समस्या से ग्रामीण परेशान

कुछ मिनटों का काम करने में लग रहे घंटे
प्रदेशभर में एक साथ प्रक्रिया शुरू होने से पोर्टल पर दबाव बढ़ गया है। इसके चलते कुछ मिनटों में पूरी होने वाली प्रक्रिया में एक से डेढ़ घंटे तक लग रहे हैं। कई बार पटवारियों को पोर्टल पर काम करने के दौरान आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है और उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
दरअसल, स्वामित्व योजना के तहत भूखंडों की निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण काम समय पर शुरू नहीं हो सका। बाद में नए आदेश जारी होने के बाद प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन सर्वर की धीमी गति अब भी चुनौती बनी हुई है।
पटवारी सत्यापन के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
भूखंडों से जुड़े अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए पटवारी सत्यापन आवश्यक है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रकरणों में सत्यापन पूरा हो चुका है। प्रशासन का लक्ष्य ऑनलाइन सबमिट प्रकरणों को आगे बढ़ाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करना है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण काम की गति प्रभावित हो रही है।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके भूखंडों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। इससे संपत्ति के अधिकार स्पष्ट होने और भूखंडों से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
बुधवार को नायब तहसीलदार संतोष घाटिया और राजस्व निरीक्षक योगेश कुमार चौपड़ा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्वामित्व योजना के पात्र हितग्राहियों से प्रक्रिया के तहत आवेदन सबमिट कराने की अपील की।
ग्रामीणों ने बताई अपनी परेशानी
ग्रामीणों सुभाषचंद्र जाटव, लालू नाथ जोगी और लाला मंसूरी ने बताया कि वे कई दिनों से काम के लिए चक्कर लगा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों के अनुसार, वे सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं करा पा रहे हैं।
हल्का पटवारी संदेश चैलावत ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक साथ काम होने के कारण तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने पात्र हितग्राहियों से अपने भूखंडों से संबंधित आवेदन सबमिट कराने की अपील की।
स्वामित्व योजना का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का समाधान और रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी है।