नीमच: जंगल कैंप में 80 NCC कैडेट्स और स्काउट-गाइड ने सीखे आत्मनिर्भरता के गुर

बिना बर्तनों के व्यंजन बनाने की प्रतियोगिता रही आकर्षण
कैंप का मुख्य आकर्षण बिना बर्तनों के व्यंजन बनाने की प्रतियोगिता रही। इसमें पांच दलों में शामिल विद्यार्थियों ने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न व्यंजन तैयार किए। अतिथियों ने दलों का निरीक्षण किया, व्यंजनों का स्वाद लिया और विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना की।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दलों को क्रमशः गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को प्रमाण पत्र भी दिए गए।
लक्ष्य निर्धारण और निरंतर प्रयास से मिलती है सफलता
मुख्य अतिथि तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और निरंतर प्रयास करने से सफलता प्राप्त की जा सकती है। ऐसे शिविर विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का कौशल विकसित करते हैं।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि डॉ. हिना हरित, संगठन सचिव एवं ट्रूप कमांडर कैप्टन जितेंद्र कनौजिया, विद्यालय की उपप्राचार्य डॉ. निवेदिता चतुर्वेदी और हवलदार खंटू बुरे उपस्थित रहे।
अनुशासन के साथ संपन्न हुआ शिविर
शिविर का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कुलदीप सिंह चंद्रावत ने किया। आयोजन में स्काउट-गाइड कैप्टन सुनीता चौधरी और केयरटेकर ऑफिसर पूजा सालवी का सहयोग रहा। विद्यालय की डायरेक्टर डॉ. चारुलता चौबे सहित संगठन के पदाधिकारियों ने आयोजन की सफलता पर बधाई दी।
इस शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने, सामूहिक रूप से कार्य करने और विपरीत परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।