नीमच: 11 वर्षीय धर्मपाल की मौत के मामले में डॉक्टर पर FIR, आरोपी हिरासत में: ₹50 हजार की सहायता के बाद धरना समाप्त

स्थान: मनासा, जिला नीमच, मध्य प्रदेश।
डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज, हिरासत में लिया गया
मनासा क्षेत्र के भाटखेड़ी बुजुर्ग में 11 वर्षीय बालक धर्मपाल की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर आरोपी डॉक्टर सुनील पाटीदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 106(1) और आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम, 1987 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लेकर मनासा थाने में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप- मना करने के बावजूद लगाया इंजेक्शन
जानकारी के अनुसार, भाटखेड़ी बुजुर्ग निवासी 11 वर्षीय धर्मपाल, पिता मंगल, की तबीयत खराब होने पर 7 अक्टूबर को उसे मनासा स्थित एक निजी क्लीनिक ले जाया गया था।
मृतक के पिता का आरोप है कि इलाज के दौरान बालक की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन उनके अनुसार डॉक्टर ने इसके बावजूद इंजेक्शन लगाया। इसके बाद बालक की मौत हो गई।
मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। मौत के कारणों और इलाज के दौरान हुई घटनाओं की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
जिला अस्पताल में शव रखकर दिया धरना
बालक की मौत से आक्रोशित परिजन न्याय, FIR और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर जिला अस्पताल में शव रखकर धरने पर बैठ गए थे। धरना करीब 24 घंटे तक जारी रहा।
स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की। इसके बाद रेडक्रॉस के माध्यम से ₹50 हजार की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया। डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रशासन की समझाइश और आर्थिक सहायता मिलने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया।
पिता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
तहसीलदार मृगेंद्र सिंह के अनुसार, मृतक के पिता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी को हिरासत में लिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी संबंधित CHO के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।