सफाईकर्मियों की कामबंद हड़ताल तीसरे दिन भी जारी: क्रमिक भूख हड़ताल शुरू

मंदसौर। नगर पालिका परिषद मंदसौर में पदस्थ सफाई कर्मचारियों की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल के साथ गांधी चौराहे स्थित धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू कर दी।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे सफाई कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली। रैली चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पहुंची, जहां कर्मचारियों ने माल्यार्पण किया। इसके बाद कर्मचारी गांधी चौराहे स्थित धरना स्थल पहुंचे और क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की।
विधायक विपिन जैन ने दिया समर्थन
धरना स्थल पर पहुंचे विधायक विपिन जैन ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही राज्यसभा सांसद, क्षेत्रीय सांसद और नगर पालिका अध्यक्ष से चर्चा कर समस्या के समाधान का प्रयास करने की बात कही।
विधायक ने कर्मचारियों और दरोगाओं पर कथित दबाव बनाए जाने के मामले में भी अधिकारियों से चर्चा करने का आश्वासन दिया।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
प्रशासन पर दबाव बनाने के आरोप
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों विनोद खैरालिया और हेमा कंडारे ने आरोप लगाया कि बुधवार सुबह तहसीलदार, एसडीएम और थाना प्रभारी द्वारा कचरा वाहन कर्मचारियों पर काम पर लौटने के लिए दबाव बनाया गया। उनके अनुसार, प्रशासनिक दबाव में करीब 7-8 कचरा वाहन रवाना करवाए गए।
पदाधिकारियों ने आंदोलनकारियों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने की धाराओं में कार्रवाई की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि कर्मचारी संवैधानिक और गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं और प्रशासन को बातचीत के माध्यम से समाधान करना चाहिए।
15 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 10 से 20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, ठेका प्रथा समाप्त करना, 100 पुरुष और 100 महिला सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी और कार्य समय का उचित नियमन शामिल है।
कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते कामबंद हड़ताल और क्रमिक भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया गया है।
प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की मांग
राष्ट्रीय वाल्मीकि सेना, मार्शल कौम, नगर पालिका सफाई कर्मचारी एवं समस्त कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ तथा सकल वाल्मीकि समाज मंदसौर के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर 15 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग की है।
धरना स्थल पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।