महिला PDS विक्रेताओं की हड़ताल का तीसरा दिन, नीमच की 324 राशन दुकानों पर POS मशीनें बंद

महिला स्वयं सहायता समूहों और सेवा सहकारी समितियों से जुड़े संगठनों के संयुक्त आह्वान पर यह आंदोलन 1 से 10 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। संगठन का कहना है कि महिला विक्रेता ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाला कमीशन और अन्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। Voice of MP
₹200 प्रति क्विंटल कमीशन की मांग
आंदोलनरत विक्रेताओं की प्रमुख मांग राशन वितरण पर ₹200 प्रति क्विंटल कमीशन निर्धारित करने की है। संगठन ने कमीशन भुगतान में कटौती और लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया है।
विक्रेताओं के अनुसार कमीशन का भुगतान कई बार 3 से 4 महीने तक लंबित रहता है, जिससे राशन दुकान के संचालन और अन्य खर्चों को संभालने में परेशानी होती है। समय पर भुगतान की स्थायी व्यवस्था की मांग की गई है।
शॉर्टेज और POS मशीनों की समस्या भी उठाई
महिला PDS विक्रेताओं ने राशन वितरण में होने वाली शॉर्टेज की भरपाई, सहायक तौलकर्ता की व्यवस्था तथा POS मशीनों की तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की मांग रखी है। बैटरी, स्कैनर, चार्जर और स्टेशनरी जैसे खर्चों का मुद्दा भी संगठन ने उठाया है।
महिला स्वयं सहायता समूह संगठन की प्रदेश अध्यक्ष माया मनोहर बैरागी ने कहा कि आंदोलन सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और उचित आर्थिक सहयोग की मांग को लेकर है। उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग से लंबित भुगतान सहित अन्य मांगों के समयबद्ध निराकरण का आग्रह किया। Voice of MP
10 अक्टूबर तक जारी रहेगा आंदोलन
संगठन के अनुसार 1 से 10 अक्टूबर तक POS मशीनें बंद रखकर राशन वितरण स्थगित किया जा रहा है। इससे पहले मांगों को लेकर जिला स्तर पर कलेक्टरों को मुख्यमंत्री और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं।
प्रदेश में राशन विक्रेताओं के अन्य संगठनों ने भी अक्टूबर की शुरुआत में कमीशन बढ़ाकर ₹200 प्रति क्विंटल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया है। Naidunia
मध्यप्रदेश के आधिकारिक e-POS पोर्टल पर अक्टूबर 2026 के लिए प्रदेश में 28,253 राशन दुकानों का रिकॉर्ड दर्ज है, जिससे PDS व्यवस्था का व्यापक स्तर स्पष्ट होता है।