10 साल की सेवा पूरी कर चुके कोटवारों को स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कोटवारों को स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और पदोन्नति का लाभ देने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इसके साथ ही कोटवारी सेवा भूमि का मालिकाना हक वापस कोटवारों के नाम करने तथा मानदेय में वृद्धि की मांग भी की गई।
कई मांगें ज्ञापन में शामिल
कोटवारों ने खराब गुणवत्ता की वर्दी की आपूर्ति के मामले में कार्रवाई करने और सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर ₹5 लाख करने की मांग रखी।
संघ के अनुसार प्रदेशभर में करीब 38 हजार कोटवार आंदोलन में शामिल होंगे। इससे संबंधित मांगें और सेवा शर्तों को लेकर कोटवार संगठन पहले भी शासन के समक्ष ज्ञापन और आंदोलन करता रहा है।
2 से 21 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन
संघ के आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार 2 से 21 अक्टूबर तक कोटवार काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद 22 अक्टूबर से जिला मुख्यालयों पर काम बंद कर हड़ताल और प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।
मांगों का निराकरण नहीं होने पर 30 अक्टूबर से भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी संघ ने दी है।
कोटवारों की सेवा भूमि, पारिश्रमिक और अन्य सेवा सुविधाओं से जुड़े प्रावधान मध्यप्रदेश भू-राजस्व व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं।