मौसम साफ होते ही खेतों में सोयाबीन कटाई तेज, भावांतर योजना में 3 से 17 अक्टूबर तक पंजीयन

जहां खेत और फसल पूरी तरह सूख चुके हैं, वहां थ्रेशर मशीनों से सोयाबीन निकालने का काम भी जारी है। इस वर्ष जिले में करीब 1.75 लाख हेक्टेयर में खरीफ बोवनी हुई है, जिसमें लगभग 1.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन बोई गई है।
खेतों में चल रहे क्रॉप कटिंग प्रयोग
फसल उत्पादन का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीमें खेतों में क्रॉप कटिंग प्रयोग कर रही हैं। इससे जिले में फसल उत्पादन का अधिक सटीक अनुमान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
भावांतर योजना में 3 अक्टूबर से पंजीयन
सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए मध्यप्रदेश में भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। योजना के तहत सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹5,708 प्रति क्विंटल बताया गया है। किसानों के लिए पंजीयन अवधि 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक रखी गई है।
मध्यप्रदेश में भावांतर योजना के तहत बाजार मूल्य और निर्धारित संदर्भ मूल्य के अंतर की भरपाई DBT के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था है। 2025-26 में भी सोयाबीन के लिए इस योजना के तहत किसानों को भुगतान किया गया था।
पंजीयन के लिए इन केंद्रों पर सुविधा
किसान पंजीयन के लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील सुविधा केंद्र, सहकारी समितियों तथा एमपी किसान ऐप जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। मध्यप्रदेश सरकार के किसान पोर्टल पर भी कृषि संबंधी सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पंजीयन से पहले किसान अपने बैंक खाते और आधार संबंधी विवरण सही होने की जांच कर लें, ताकि भुगतान प्रक्रिया में परेशानी न हो।
नोट: पंजीयन की अंतिम प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और भुगतान की शर्तों के लिए किसान संबंधित कृषि विभाग/पंजीयन केंद्र से ताजा जानकारी की पुष्टि करें।