रतनजोत के बीज बादाम समझकर खा गए 8 बच्चे, चार PICU में भर्ती

मनासा के चंदा मोती दातोली गांव की घटना; 2 से 12 वर्ष की उम्र के बच्चों को उल्टी-दस्त के बाद जिला अस्पताल लाया गया कुछ देर बाद बच्चों को पेट दर्द के साथ उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। परिजन उन्हें मनासा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों को शाम करीब 6 बजे नीमच जिला अस्पताल रेफर किया गया।
चार बच्चों को PICU में भर्ती किया
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चों की जांच की। इनमें चार बच्चों में डिहाइड्रेशन अधिक पाया गया, जिसके बाद उन्हें PICU में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। वहीं, चार बच्चों की स्थिति सामान्य बताई गई है और उनका उपचार जनरल वार्ड में चल रहा है।
अस्पताल में सभी बच्चों की लगातार निगरानी की जा रही है। बीमार बच्चों की उम्र 2 से 12 वर्ष के बीच बताई गई है।
कुछ बच्चों ने चार-पांच बीज खाए
परिजनों के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे बच्चे खेत के पास खेल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रतनजोत के बीज देखे और उन्हें बादाम समझकर खा लिया। कुछ बच्चों ने एक-दो, जबकि कुछ ने चार-पांच बीज खाए।
बीज खाने के कुछ समय बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन रतनजोत के बीज भी अस्पताल लेकर गए।
पॉइजनिंग से बिगड़ी तबीयत
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश धाकड़ ने बताया कि रतनजोत के बीज खाने से बच्चों में पॉइजनिंग की स्थिति बनी है। इसके कारण उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन हो सकता है। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर बताई गई है और उपचार जारी है।
बच्चों की पहुंच से दूर रखें जहरीले पौधे
डॉ. धाकड़ ने ग्रामीणों से ऐसे पौधों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि घर, खेत या बच्चों के खेलने की जगह के आसपास रतनजोत जैसे पौधे हों तो उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाए।
बच्चों को भी अनजान फल, बीज या पौधे खाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना जरूरी है।