गांधी सागर में आज छोड़ी जाएगी मादा चीता CCB-2, मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे रिलीज

गांधी सागर में अब होंगे चार चीते
CCB-2 के पहुंचने के बाद गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में कुल चार चीते हो जाएंगे। यहां पहले से दो नर और एक मादा चीता मौजूद हैं। नई मादा चीता के शामिल होने से गांधी सागर में चीतों के संरक्षण और पुनर्वास कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।
बोत्सवाना से लाई गई है CCB-2
रिपोर्टों के अनुसार CCB-2 का जन्म बोत्सवाना के घांजी में हुआ था और उसे 28 फरवरी 2026 को भारत लाया गया था। कूनो में क्वारंटीन और अनुकूलन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे गांधी सागर स्थानांतरित किया गया।
अधिकारियों ने तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर कलेक्टर हिमांशु चंद्र, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, वन विभाग के अधिकारियों सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने हेलीपैड और खिमला पार्टिशन पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। सुरक्षा, बैरिकेडिंग, फायर फेंसिंग, मंच, ग्रीन रूम और पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया गया।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्थाएं समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
गांधी सागर बना प्रोजेक्ट चीता का दूसरा प्रमुख आवास
कूनो नेशनल पार्क के बाद गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को चीतों के लिए देश के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया गया है। यहां अप्रैल 2025 में कूनो से दो नर चीते लाए गए थे, जबकि सितंबर 2025 में एक मादा चीता को गांधी सागर स्थानांतरित किया गया था।
भारत में चीता संरक्षण कार्यक्रम के तहत कूनो के अलावा अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में भी चीतों की आबादी के विस्तार की योजना पर काम किया जा रहा है।