नीमच जिला न्यायालय में ‘उल्लास’ कार्यक्रम आयोजित, मानसिक स्वास्थ्य शिविर में 100 से अधिक मरीजों को मिला परामर्श

स्थान: नीमच, मध्य प्रदेश
जिला न्यायालय में हुआ ‘उल्लास’ कार्यक्रम
नीमच। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एडवाइजरी फ्रेमवर्क के तहत शनिवार को नवीन जिला न्यायालय परिसर में ‘उल्लास’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुआ। इसमें नीमच जिला मुख्यालय के साथ जावद और मनासा के न्यायिक परिवार के सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विजय सिंह कावछा, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी एक्ट) आलोक कुमार सक्सेना और जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष मनीष जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने मोहा मन
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और उनके परिजनों के बीच आपसी सौहार्द बढ़ाना तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में न्यायिक परिवार के सदस्यों ने भजन, गीत और कविताओं की प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, नाटक और नृत्य जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य शिविर
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत रेडक्रॉस हॉल में मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लगभग 100 से 110 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार दिया गया।
शिविर का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंदों को उपलब्ध सेवाओं से जोड़ना रहा।
गेटकीपर प्रशिक्षण और हेल्पलाइन की जानकारी
शिविर में मरीजों के साथ आए परिजनों और विद्यार्थियों को ‘गेटकीपर’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया। इसका उद्देश्य मानसिक तनाव या अन्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता और उचित परामर्श तक पहुंचाने में मदद करना है।
इस दौरान टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800-891-4416 की जानकारी दी गई। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी के लिए ‘मनहित ऐप’ के उपयोग के बारे में भी बताया गया।
न्यायिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
दोनों कार्यक्रमों में जिला न्यायाधीश जितेंद्र कुमार बाजोलिया, रश्मि मिश्रा, दिनेश कुमार प्रजापति, जैनुल आबिदीन, आशुतोष यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार बौरासी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शोभना मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा जनपद पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आदित्य बैराड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रसाद, सिविल सर्जन महेंद्र पाटील, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर विजय भारती, मनोरोग विशेषज्ञ कृष्ण कुमार कारपेंटर और अरिनत पेंढारकर, नितेश कुमावत, नेहा सहित न्यायिक कर्मचारी, अधिवक्ता और उमंग संस्था के सदस्य शामिल हुए।