नीमच में करणी सेना का प्रदर्शन, जीवन सिंह शेरपुर पर दर्ज FIR की निष्पक्ष समीक्षा की मांग

स्थान: नीमच, मध्य प्रदेश
प्रताप सिंह की मौत के मामले में प्रदर्शन
नीमच। बिजली विभाग में आउटसोर्स लाइनमैन प्रताप सिंह शक्तावत की मौत के मामले को लेकर विवाद जारी है। जीवन सिंह शेरपुर सहित छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के विरोध में शुक्रवार को करणी सेना परिवार ने जिला कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और एसडीएम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने, बिजली आपूर्ति बहाल होने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की। साथ ही जीवन सिंह शेरपुर और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण की भी निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग रखी।
परमिट के बावजूद बिजली चालू होने का आरोप
करणी सेना परिवार के अनुसार, ग्राम अमरावली महल निवासी 35 वर्षीय प्रताप सिंह शक्तावत को बिजली विभाग से मेंटेनेंस कार्य के लिए परमिट यानी शटडाउन मिला था। संगठन का आरोप है कि पोल पर काम करने के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, जिससे प्रताप सिंह की मौत हो गई।
ज्ञापन में मांग की गई कि हादसे के समय बिजली आपूर्ति किसके आदेश पर चालू की गई, इसकी जांच परमिट और शटडाउन रजिस्टर के आधार पर की जाए। संगठन ने कहा कि जांच में जिस भी व्यक्ति की जिम्मेदारी सामने आए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इंजीनियर रविकांत रंजन की भूमिका की जांच की मांग
करणी सेना ने बिजली विभाग के इंजीनियर रविकांत रंजन की भूमिका की विशेष जांच कराने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि मामले में विभागीय लापरवाही की जांच होनी चाहिए और यदि साक्ष्यों से किसी अधिकारी की आपराधिक भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए।
ज्ञापन में घटना के बाद निलंबित किए गए तीन कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने कहा कि यदि कर्मचारी जांच में निर्दोष पाए जाते हैं, तो उनके निलंबन पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही घटना के समय तैनात स्थायी अधिकारियों और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
जीवन सिंह शेरपुर सहित छह लोगों पर दर्ज केस की समीक्षा
ज्ञापन में जीवन सिंह शेरपुर और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग और घटनाक्रम के वास्तविक संदर्भ के आधार पर निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की गई। करणी सेना परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई नहीं होने देने और जांच की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग रखी।
मुआवजे और अनुकंपा नौकरी का वादा पूरा करने की मांग
संगठन ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता, बीमा राशि और अनुकंपा नौकरी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। ज्ञापन के अनुसार, प्रशासन की मौजूदगी में परिजनों के साथ हुई सहमति के आधार पर ₹17 लाख की आर्थिक सहायता सहित अन्य लाभ तय समयसीमा में दिए जाने चाहिए।
प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने गोमाबाई रोड स्थित बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर शव रखकर करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन किया था। इसके बाद बिजली विभाग के इंजीनियर रविकांत रंजन ने कथित अभद्रता और धमकी देने के आरोप में कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर सहित छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। अब करणी सेना परिवार ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
नोट: बिजली विभाग के अधिकारियों की कथित भूमिका और प्रदर्शन से जुड़े आरोप संगठन द्वारा ज्ञापन में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।