113 गांवों के नक्शों में सुधार, 74 गांवों का काम पूरा; जावद-जीरन के पुराने रिकॉर्ड भी मिले

जिले के कुल 809 गांवों में से 113 गांवों के नक्शे गलत, अधूरे या अनुपलब्ध पाए गए थे। दो वर्षों के लगातार प्रयासों के बाद इनमें से 74 गांवों के नक्शों में सुधार का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 29 गांवों में काम जारी है। इन गांवों में रामपुरा, मनासा, सिंगोली और जीरन तहसील के गांव शामिल हैं।
जावद और जीरन के पुराने नक्शे खोजे गए
नक्शों की खोज और सुधार के दौरान राजस्व टीम ने जावद और जीरन के पुराने ऐतिहासिक नक्शे भी खोज निकाले हैं। जीरन गांव का प्रमाणीकरण पूरा किया जा चुका है और जल्द ही इसका डिजिटल नक्शा तैयार किए जाने की जानकारी दी गई।
अब तक 12 गांवों का गजट नोटिफिकेशन भी पूरा हो चुका है।
डिजिटल नक्शों से क्या होगा फायदा?
नक्शों के डिजिटल और अद्यतन होने से भूमि की सीमाओं एवं स्थिति से जुड़े रिकॉर्ड अधिक स्पष्ट होंगे। इससे सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे राजस्व कार्यों में सुविधा मिलने के साथ भूमि संबंधी विवादों के निराकरण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल नक्शे उपलब्ध होने के बाद ग्रामीणों और राजस्व अधिकारियों को भूमि संबंधी जानकारी अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इससे विकास योजनाओं की तैयारी और भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के अनुसार, दो वर्षों के सतत प्रयासों से उन गांवों के भूमि अभिलेखों को व्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है, जहां नक्शे गलत, अधूरे या उपलब्ध नहीं थे।