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अपनी बात:क्या करें, क्या ना करें ! कैसीमुश्किल पड़ी हाय !!

नीमच ही नहीं, पूरे प्रदेश और देश में तेज़ी से फैल रहा है- कोरोना । शुरुआती दिनों में सत्तर दिन की लगातार तालाबंदी (लाकडाऊन) हुई, बिना किसी सुनियोजित कार्यक्रम के पूरे देशवासियों ने अपने प्रधानमंत्री के आदेश/अनुरोध का पालन किया, लेकिन वह जो तपस्या थी ! अब व्यर्थ होती नज़र आ रही है !! अगर केवल तालाबंदी से ही समस्या का निवारण हो जाता तो फिर से लगा दी जाए ? लेकिन ऐसा कदापि नहीं है ! हाँ जब विदेशों से लौट रहे भारतीयों की सघन कोरोना जाँच की जाती और वही पर सख़्ती से तालाबंदी की होती तो आज ये रोणे नहीं रोने पड़ते ! अब जो हो गया सो हो गया, आगे क्या किया जावें जिससे इस महामारी पर रोक लग सकें ?

जब तक वैक्सीन ना आ जावें, तब एक प्रयोग और किया जा सकता है, जिसके अंतर्गत चालीस दिन की तालाबंदी की जावें, इससे पहले सघन जॉच के साधन, लक्षणधारी संक्रमितों के इलाज की पुख़्ता जगह और साधन व सामान्य संक्रमितों को स्वयं के ही घर सुरक्षित रखने की योजना व उनका समुचित इलाज सुनिश्चित करना होगा साथ ही सभी भारतवासियों के लिये चालीस दिन के राशन पानी व दवाई (दारू नहीं-क्योंकि जब से सरकारी आमदानी के नाम पर शराबबंदी में ढ़ील दी-कोरोना तेज़ी से फैला है) की व्यवस्था की जावें । जब तालाबंदी की घोषणा की जावें, उसके चार दिन पहले सभी को बता दिया जावें । जिससे सभी व्यक्ति अपने घर पर पहुँच सकें !

चालीस दिन के शुरुआती पन्द्रह दिनों में जो भी संक्रमित होंगे बाहर आ जाएँगे और उनका बीस दिन में अच्छे से इलाज हो जावें । इस प्रक्रिया में सभी लोगों को सूचीबद्ध कर लिया जावें । जहां भी संक्रमित पाया जावें, वहॉ आवश्यक रूप से जाँच हो और जो संक्रमित हो उसकी पहचान छिपाने का औचित्य समझ नहीं आता इससे जानकारी के अभाव में सहज रूप से नुक्सान ही हो रहा है और जो है नाम वाला उसका तो वैसे भी नाम गोपनीय नहीं रह पाता ?

एक बात और जब सारे तीज-त्यौहार घर पर ही मनाना है तो वह सभी छुट्टियाँ निरस्त कर देना चाहिए जो बरसों से चली आ रही है । देश वैसे भी आर्थिक संकट से गुजर रहा है, अंत: संक्रमण काल के बाद ज़्यादा तेजी व लगनता से कार्य करना होगा ।

फ़िलहाल तो यही कहना है अतिआवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकले और निकलना हो तो सावधानी ज़रूर रखें । घर के बाहर मास्क पूरे समय लगायें, परस्पर दुरियाँ बनायें, हाथ धोने या सेनेटराईज की आदत बना लेवें । जान है तो जहान है ।
-राजेश मानव
मो 9425106311

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