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जीरन थाने में वर्दी का जमक रौब दिखाया

शिकायत लेकर थाने पहुंचे फरियादी और विपक्षी को एएसआई भीमसिंह ने कपड़े उतार कर पीटा

परिवार की महिलाओं से गाली गलौच कर थाने से बाहर धक्के मार निकाला

कलेक्टर अजयसिंह गंगवार ओर एसपी राकेश सगर के सयुंक्त प्रयासों से जिले में पहली बरग्राम शांति अभियान चल रहा है। जिसके तहत पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी द्वारा मिलकर खेत और रास्तो के विवादों को सुलझाने के प्रयास किये जा रहे है। लेकिन जिले के इन दोनों वरिष्ठ अधिकारी के अभियान को पलीता लगाने में लगे हुए है। शुक्रवार को जीरन के एक मामले में किसान ने आरोप लगाया है कि खेत ओर रास्ते का मामला सुलझाने के नाम पर पटवारी द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस विभाग के एएसआई द्वारा शिकायतकर्ता और उसके विपक्षी दोनो को मामूली से मामले में थाने में कपड़े उतारकर इस तरह पीटा गया मानो वे कोई बहुत ही बड़े और संदिग्ध अपराधी हो। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से जिले की पुलिस पर पहले ही कई दाग लगते रहे है ऐसे में जीरन पुलिस के एएसआई भीमसिंह राठौर की रंगदारी पर उच्च अधिकारी क्या संज्ञान ले पाएंगे।
जीरन-प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला है जीरन का जहां अपने खेत के रास्ते के विवाद को लेकर थाने पहुंचे काका भतीजा को जीरन पुलिस के एएसआई भीमसिंह राठौर ने अपना पुलिसिया रॉब दिखाते हुए शिकायतकर्ता शांतिलाल पिता वरदीचंद माली और विपक्षी राजू पिता रमेशचंद्र माली को थाने में कपड़े उतारकर जमकर पीटने की बात सामने आई है। यही नही मामले में थाने पहुंची दोनो ही पक्षो की महिलाओं को अभद्र भाषा के साथ हाथ पकड़कर बाहर निकाल दिया।
मामले में फरियादी बनकर थाने पहुंचे शांतिलाल पिता वरदीचंद ने बताया कि मेरे और मेरे चचेरे भाई रमेश का खेत के रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार को भी इसी बात को लेकर हम दोनों पक्षों के बीच मे खेत पर कहासुनी हो गई थी जिसकी शिकायत करने थाने आया था। यहा आने के बाद एएसआई भीमसिंह राठौर ने मेरे विपक्षी रमेश माली के पुत्र राजू को थाने बुलवाया और उसके थाने आते ही हम दोनों को ताबड़तोड़ मारने लगे। शिकायतकर्ता के अनुसार एएसआइ ने कहा कि मैं तुम्हारे झगड़े से परेशान हो गया हूं। अभी मुझे आए हुए कुछ ही दिन हुए है और तुमने मुझे परेशान करके रख दिया। इसके बाद एएसआई भीमसिंह राठौर ने मेरे और मेरे विपक्षी राजू माली दोनो के साथ मारपीट शुरू कर दी। हम दोनों के कपड़े उतरवाकर लात घूंसों से मारा।
जिस समय थाने पर हमारे साथ मारपीट हो रही थी उस समय मेरी पत्नी पार्वती बाई भी वहीं मौजूद थी। जब उन्होंने मारपीट का विरोध किया तो एएसआई भीमसिंह ने उनके साथ गाली-गलौज कर थाने से बाहर निकाल दिया। बाद में मेरे और मेरे विपक्षी के खिलाफ 151 में मामला दर्ज कर हमे 2 घंटे तक थाने में बंद रखा। उसके बाद जीरन तहसील कार्यालय पर जमानत मिलने पर छोड़ा गया। इसी मामले में दूसरे पक्ष राजू पिता रमेश माली ने बताया कि मुझे दोपहर मैं डेढ़ बजे के आसपास थाने से फोन आया और कहा कि थाने आ जाओ मैं और मेरी मम्मी थाने पर गए जहां मेरे जाते ही एएसआई भीमसिंह राठौर ने मुझे चांटा जड़ दिया। उन्होंने हम दोनों को जेल में ले जाकर कपड़े उतरवा कर पीटा। इस बात पर मेरी मम्मी ने विरोध किया तो एएसआई भीमसिंह ने धक्के मारकर थाने से बाहर निकाल दिया। इस तरह शुक्रवार को थाने में जो घटनाक्रम हुआ है उसके बाद जो लगता कि जीरन थाने में नवागत एसआई भीम सिंह राठौर ने अपना तालिबान रूप बताने की कोशिश की है।एक छोटे से खेत के विवाद में कपड़े उतरवाकर दोनों पक्षों के साथ इस तरह मारपीट की गई मानो ये कोई बड़े अपराध संदिग्ध आरोपी हो।

इनका कहना
मारपीट का अधिकार किसी को नही है। यदि थाने में इस तरह की बात हुई है तो उक्त पुलिस कर्मी पर कार्यवाही करेंगे।
-राकेश मोहन शुक्ला, सीएसपी, नीमच

पिछले तीन चार दिन से ये लोग आए दिन विवाद कर रहे थे, जबकि इनका मामला खेत पर जाकर सुलझा दिया है। फिर भी आए दिन ये झगड़ा कर थाने आ जाते है। दोनों के विरुद्ध शान्ति भंग के तहत 151 में मामला दर्ज कर जमानती मुचलके किए। मारपीट नही की है।
-भीमसिंह राठौड़,एएसआई थाना जीरन

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