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धार्मिक स्थलों पर लॉक डाउन के चलते क्षेत्र में मेले नहीं लगने से दुकानदारों को भारी आर्थिक परेशानियां हो रही है

शांतिलाल चौहान 

 अठाना , समीपस्थ धार्मिक तीर्थ पर्यटन स्थल से सुखानंद महादेव सुखानंद से कुछ दूरी पर स्थित लोक देवता जूण कुवंर महाराज एवं बस्सी विजयपुर बेगू मोडिया महादेव बानेड़ा बालाजी आदि कई धार्मिक स्थलों पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वार्षिक धार्मिक मेले इस वर्ष लॉकडाउन के नियमों के अंतर्गत नहीं लगाए जा सके , मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें खिलौने मनिहारी आदि की सामग्री बेचने वाले हजारों स्त्री-पुरुष गरीब छोटे दुकानदारो नागरिकों को भारी आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है , प्रतिवर्ष समीपस्थ तीर्थ श्री सुखानद महादेव में वैशाख पूर्णिमा को वार्षिक मेला आयोजित होता है, इस मेले के ठीक 3 दिन पश्चात समीपस्थ कनेरा परगना के ग्राम बढ़ावली पानगढ़ के समीप प्राचीन लोक देवता जूण कुंवर जी महाराज का मेला बस्सी महादेव का मेला मोडिया महादेव का मेला बेगू जोगणिया माता का मेला नीलकंठ महादेव मेला बड़ोदिया महादेव मेला बानेड़ा बालाजी मेला तिलस्वा महादेव भादवा माता आसावरा माता भंवर माता सहित अनेक मालवा मेवाड़ सीमावर्ती अंचल में प्रतिवर्ष लगने वाले मेले इस वर्ष नहीं लगाए जा सके , मेले आयोजित नहीं होने से इस मेले में नीमच जिले से बड़ी संख्या में छोटे-मोटे विभिन्न दुकानदारों द्वारा अपने अपने स्टाल लगाए जाकर मेलों में सामग्री बिक्री करते हैं , लेकिन इस वर्ष मेले ही नहीं लगे तो दुकाने नहीं लगाई गई , इन छोटे-मोटे विभिन्न दुकानदारों को इन दिनों भारी आर्थिक संकट से दो-चार होना पड़ रहा है , ठीक इसी प्रकार इन तमाम धार्मिक स्थलों के आसपास के ग्रामों में निवास करने वाले हजारों नागरिकों को रोजगार देने वाले यह धार्मिक स्थल विगत 2 माह से मंदिरों देवालयम धार्मिक स्थलों आदि पर दरवाजे पर बंद होने से इनके रोजगार के अवसर भी पूरी तरह इन दिनों तो बंद पड़े हुए हैं , जिससे विभिन्न व्यवसायो को तरह-तरह की आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है , नीमच चित्तौड़गढ़ जिले में प्रतिवर्ष धार्मिक मेले आयोजित होते हैं इन मेलों से हजारों नागरिकों को रोजगार मिलता है , लेकिन इस वर्ष कोविड-19 कोरोना वायरस वैश्विक महामारी बीमारी संक्रमण के डर के कारण उक्त मेले कहीं भी आयोजित नहीं किए गए, इन सभी धार्मिक स्थलों पर ताले लटके हुए हैं मठ मंदिरों के पुजारियों को भी आर्थिक परेशानियां आ रही है, विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दुकान स्टाल लगाने वाले हजारों गरीब दुकानदारों को भारी आर्थिक संकट से दो-चार होना पड़ रहा है, इस परेशानी को जिला कलक्टर नीमच इन गरीब छोटे दुकानदारों को जो इधर-उधर दूर-दूर तक मेलों में जाकर अपनी आजीविका चलाते हैं परिवार को पालते ऐसे में मेले आयोजित नहीं होने से उनकी दुकानें कहीं नहीं लग पाई परिणाम स्वरुप यह फांखे मारने की स्थिति में है, जिलाधीश नीमच इन सभी छोटे गरीब दुकानदारों का सर्वे कराए जाकर इन सब को आर्थिक मदद उन दुकानदारों की तरह दी जाए जो प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित किराना दुकानदारों को आर्थिक अनुदान देने की योजना लागू होने जा रही है , उक्त योजना में इन छोटे गरीब दुकानदारों मंदिरों मेलों में पूजा सामग्री बेचने वाले को भी शामिल किया जाए धार्मिक स्थलों पर आयोजित मेलों में फल बाहर की बिक्री करने वाले जंगलों से ताजा फल तोड़कर लाने वाले गरीब आदिवासियों को भी जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए , इन आदिवासियों के पास न तो कहीं राशन कार्ड है कहीं-कहीं तो समग्र आईडी तक नहीं बनी हुई है , फिर भी ऐसे पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल किया जाए , एवं जो भी जंगलों में जंगली फल कंद मूल जान जोखिम में डालकर पेड़ों से तोड़कर लाने वाले इन गरीब आदिवासियों वनवासियों जो प्रतिवर्ष फेरी लगाकर मेलों में जाकर बिक्री करते थे लेकिन इस वर्ष इस अभागों के साथ भी लॉक डाउन महामारी के चलते आदिवासियों गरीब वनवासियों को भी वैश्विक महामारी के चलते भारी भारी आर्थिक संकट परेशानी भुगत रहे हैं , इन गरीब आदिवासी वनवासियों को भी शासन की योजना का लाभ दिलाएं जाना न्यायोचित होगा ,     शांतिलाल चौहान 25 मई 2020 सोमवार

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