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लॉक डाउन के बीच मेघनिवास सरपंच ने चलाई अतिक्रमण हटाओ मुहीम

70 सालों से काबिज पत्थर व्यवसायियों को भी नहीं बक्शा*




सिंगोली।
यहां से महज 1 कि.मी. की दुरी पर स्थित ग्राम मेघनिवास राजस्थान के बालेछा हल्के के पत्थर व्यवसायियों में उस समय अफरा तफरी मच गयी जब सरपंच ने उन्हें खदेड़ने बिना किसी पूर्व सूचना के अतिक्रमण हटाओ मुहीम शुरू करदी। जबकि पत्थर व्यवसायियों ने सरपंच पर दबंगता पूर्वक अवैध वसूली करने, धमकाने और मारपीट करने के भी आरोप लगाये है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत बुधवार की मध्यरात्रि शुरू की गयी मुहीम में 15 लोगों को तकरीबन 20 लाख रुपयों से ज्यादा के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
बुधवार रात बालेछा हल्के में चली जेसीबी मशीनों से वहां बने वर्षो पुराने मकान और ऑफिस भी गिरा दिये गए। जबकि कई स्टॉको में पड़ी पत्थर फरसी को भी तोड़ दिया गया।
मेघनिवास स्थित बालेछा में पेट्रोल पम्प के आसपास करीब 500 मीटर लंबाई में सड़क किनारे काबिज 15 से ज्यादा पत्थर स्टॉकों पर चली जेसीबी की जानकारी जब व्यवसायियों को मिली उन्होंने तुरंत चित्तोड़गढ़ जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया तथा सरपंच और जेसीबी संचालकों पर कार्यवाही करने की मांग की।
जिला मुख्यालय से निर्देश मिलते ही बेगूं थाने पर पदस्थ एस आई भंवरलाल मीणा और हेड कांस्टेबल सावधान चौधरी मेघनिवास पहुंचे जहां मौजूद सभी पत्थर व्यवसायियों के साथ एक एक स्टॉक पर जाकर वहां हुई नुकसानी की वीडियो ग्राफी की। बाद में प्राप्त शिकायत के आधार पर बेगूं थाने पर मेघनिवास सरपंच मनोज गुर्जर एवं जेसीबी संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी।
मौके पर पुलिस सब इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा ने पत्रकारों को बताया कि मेघनिवास सरपंच मनोज गुर्जर के खिलाफ लॉक डाउन के बीच बिना किसी पूर्व सूचना के अतिक्रमण मुहीम चलाकर पत्थर व्यवसायियों को नूकसान पहुंचाने की शिकायत मिली थी।
वरिष्ठ अधिकारीयों के निर्देश पर हमने यहां पहुंच कर स्थिति को देखा है। मौके पर जेसीबी चला कर तौड़ फोड़ किया जाना पाया गया है। यहाँ हुई तोड फोड़ में करीब 14-15 लोगो को 8 से 10 लाख रुपयों का नुकसान प्रतीत होता है।
इससे पूर्व पत्थर व्यवसायियों ने पुलिस को आवेदन देकर बताया कि पत्थर व्यवसायियों द्वारा दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि वह मेघनिवास पंचायत के बालेछा हल्का में स्थित लाल पत्थर के स्टॉक का कार्य करते हैं जिन्हें राजस्थान शासन द्वारा वैध पट्टा प्रदान किया गया है। उक्त भूमि में करीब 40-50 वर्षों से काबिज होकर अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं हम में से कुछ लोग शासकीय भूमि पर भी काबीज है जिसका दंड जुर्माना हम भरते चले आ रहे हैं। हममें से अधिकतर लोग सिंगोली तहसील सिंगोली जिला नीमच मध्यप्रदेश के निवासी हैं। हमारे नगर से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी होने के कारण हम बालेछा में ही अपनी व्यावसायिक गतिविधियां की वर्षों से संचालित करते चले आ रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि
1 हम सभी व्यापारी गण विगत 40 से 50 वर्षों से बालेछा में अपना पत्थर का स्टॉक संचालित कर राजस्थान सरकार के खजाने में राजस्व जमा करा तेरा रहे हैं जिसमें कभी कोई संदेह की स्थिति निर्मित नहीं हुई है।
2 विगत कुछ माह पूर्व संपन्न हुए ग्राम पंचायत चुनाव में मेघनिवास का सरपंच मनोज पिता नाथू लाल गुर्जर निवासी सागा की बड़ी तहसील रावतभाटा जिला चित्तौड़गढ़ निर्वाचित हुआ हे
3 जब से उत्तर सरपंच ने कार्यभार संभाला है तबसे हम सभी आप आर्यों को धमका रहा है वह रुपयों की अवैध मांग कर रहा है मांगे पूरी ना करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है हमारा नुकसान करने पर आमादा है अभी करीब 6 दिन पूर्व हम में से ही एक व्यापारी चंद्र प्रकाश पिता मदनलालजी सोनी उसके पुत्र तरूण सोनी निवासी सिंगोली के साथ सरपंच एवं इससे गुंडों ने हमला कर मारपीट की वह जान से मारने की धमकी दी जिसकी रिपोर्ट बेगू थाना में दर्ज की गई थी लेकिन किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही के अभाव में सरपंच व उस के गुंडों के हौसले सातवें आसमान पर चढ़ गए हैं।
4 यह कि बुधवार की रात्रि को करीब 11 से 12 बजे के बीच कोरोना महामारी के चलते लॉक डाऊन का पालन करने के कारण व्यापारियों एवं इनके कर्मचारियों की अनुपस्थिति का लाभ उठा कर सरपंच एवं उसके गुंडे साथियों करीब 15 से 20 लोगों द्वारा हमारे पत्थर के स्टॉक के चारों ओर स्थित बाउंड्री वॉल के पत्थरों एवं स्टॉक में रखी लाल फंसी जो एक व्यापारी के स्टाक से करीब ₹100000 मात्र इस प्रकार करीब 8 व्यापारियों के 800000 रुपय का माल jcb मशीन, लोडर तथा ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर चुरा लिया गया है साथ ही स्टाक के पत्थरों को भी तोड़ फोड़ डाला और लाखों रुपयों के अन्य सामान भी चुरा लिए हैं साथ ही प्रतिष्ठान पर बने कमरों को गिराकर वह उनके सामान चुराकर गंभीर आर्थिक नुकसान कर दिया है जिससे हम व्यापारीगणों में भय का माहौल व्याप्त है।

*इन लोगो का हुआ नुकसान-*

शांतिलाल पिता घीसालाल जैन निवासी सिंगोली, भगवतीलाल पिता बापुलाल जैन निवासी बोराव, जिनेन्द्र कुमार पिता रतनलाल जैन निवासी सिंगोली, मदनलाल पिता चिरंजीव लाल अग्रवाल सिंगोली, संजय पिता सुगनचंद बागडिया सिंगोली, मोतीलाल गुर्जर बीना का खेड़ा, नासिर पिता बशीर अहमद सिंगोली, सीताराम पिता हीरालाल धाकड़ सिंगोली, संजय पिता प्रकाशचंद जैन सिंगोली, आजाद पिता अब्दुल रशीद सिंगोली, सुशील पिता नन्दलाल मेहता सिंगोली, कैलाश लसौड़ सिंगोली, निर्मल कुमार लसौड़ और चंद्रप्रकाश पिता मदनलाल स्वर्णकार सिंगोली सहित एक अन्य शामिल है।
उक्त कार्यवाही के संबंध में जब सरपंच से बात करने की कोशिश की गई तो उसका फोन स्वीच ऑफ बता रहा था।

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