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आबकारी विभाग ने पकड़ी कच्ची शराब रतलाम में ले चुका है कई लोगों जान

आबकारी विभाग का कच्ची शराब धरपकड अभियान
लॉक डाउन के दौरान कई गांवों में कच्ची जहरीली शराब बनाने वालों पर जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरूवार को आबकारी टीम ने कच्ची शराब बनाने वाले कई ठिकानों पर दबिश दी, जहां पर भारी मात्रा में महुआ लहान मिला है, जिसे नष्ट कराया गया है। टीम ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो हाथभटटी शराब बेच रही थी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से जानलेवा कच्ची शराब बेचने और बनाने वालों में हडकंप मचा हुआ है।
जिले में हाथभटटी कच्ची शराब बनाने का गौरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की सख्ती के बाद भी अवैध शराब बनाने के ठिकाने संचालित हो रहे है। ऐसे में जिला प्रशासन ने अभियान की शुरूआत कर दी है। लगातार आबकारी विभाग को सफलता मिल रही है। बीते दिनों चडौली सहित अन्य गांवों में दबिश दी गई थी, जहां पर भारी मात्रा में महुआ लहान नष्ट करवाया गया था। जिला आबकारी अधिकारी अनिल सचान ने बताया कि गुरूवार को ग्राम आम्बा चडौल और कुतली के पास जंगलों में दबिश दी गई। करीब 600 किलो महुआ लहान मिला है, जिससेे कच्ची जहरीली शराब बनाई जाने वाली थी, इसे नष्ट करवाया गया है, जिसकी कीमत करीब छह लाख रूपए है। महुआ लहान करीब 40 डिब्बों में अलग—अलग जगहों पर भरकर रखे गए थे। हाथभटटी कच्ची शराब बनाने के कई उपकरण जब्त किए गए है। रोशनी पति राजू निवासी आम्बा चडौल को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से तीन लीटर कच्ची शराब जब्त की गई है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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रतलाम में तीन व्यक्तियों की हो चुकी है मौत, स्वास्थ्य के लिए घातक है कच्ची शराब—
कुछ दिनों पहले रतलाम में कच्ची शराब के सेवन से करीब तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी। कच्ची शराब स्वास्थ्य के लिए घातक है। मौत के बाद जिला प्रशासन ने मुुहिम छेडी है। नीमच जिले में भी कच्ची शराब का गौरखधंधा जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड कर रहा है। इसकी धरपकड के लिए प्रशासन की मुहिम जारी है।

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