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देश में आज से सभी दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की छूट, 50% स्टाफ कर सकेगा काम

दुकानों में काम कर सकेगा सिर्फ आधा स्टाफ, दुकान में स्टाफ को मास्क लगाना अनिवार्य है

कोरोना वायरस महामारी (Corona virus epidemic) को रोकने के लिए देश भर में पिछले एक महीने से लॉकडाउन (Lock in India) चल रहा है। धीरे-धीरे केंद्र सरकार इसमें ढील देती जा रही है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने शुक्रवार रात देश के लाखों दुकानदारों को खुशखबरी दे दी। मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर शनिवार सुबह से सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रजिस्‍टर्ड सभी दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी है। हालांकि शॉपिंग मॉल्‍स (Shopping malls) और शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स (Shopping complex) अभी नहीं खुलेंगे। यह छूट केवल उन्‍हीं दुकानों को हैं जो नगर निगमों और नगरपालिकाओं की सीमा में आते हैं।
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कुछ शर्तें भी लागू की हैं। इसके मुताबिक, सभी दुकानें संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्‍टर्ड होनीं चाहिए। इन दुकानों में अधिकतम 50 पर्सेंट स्‍टाफ को ही काम करने की छूट है। साथ ही उन्‍हें सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों का भी पालन करना होगा। दुकान में काम करने वालों को मास्‍क भी लगाना पड़ेगा।
निगम दायरे में मौजूद दुकानें 3 मई तक रहेंगी बंद
आदेश में गृह सचिव अजय भल्‍ला ने यह भी कहा है कि आवासीय परिसर के समीप स्थित और स्‍टैंड अलोन दुकानें जों नगर निगम और नगर पालिका की सीमा में आती हैं, उन्‍हें भी खोलने की इजाजत रहेगी। नगर निगम और नगर पालिका के दायरे में मौजूद बाजार की दुकानें 3 मई तक बंद रहेंगी।
नहीं खुलेंगी हॉटस्‍पॉट जोन की दुकानें
गौरतलब है कि लॉकडाउन अभी 3 मई तक चलेगा। कोरोना हॉटस्‍पॉट और कंटेनमेंट जोन में स्थित दुकानों को अभी खोलने की छूट नहीं मिली है। लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जरूरी सामान वाले दुकानों को ही खोलने की इजाजत थी। इसमें राशन, सब्‍जी और फल की दुकानें शामिल हैं। अब सभी जरूरी और गैरजरूरी दुकानों को खोलने की अनुमति देने से उम्‍मीद है कि कारोबार एक बार फिर पटरी पर आएगा। एक महीने से जारी लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद रहने से व्‍यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
स्‍कूली किताबों की दुकानों को पहले ही दी छूट
आपको बता दें कि इससे पहले 21 अप्रैल को सरकार ने आवश्यक कदम उठाते हुए स्कूली पुस्तकों की दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी थी। इसके अलावा बिजली के पंखे बेचने वाली दुकानों को भी प्रतिबंधों की सूची से बाहर कर दिया गया। गृह मंत्रालय ने कहा था कि शहरी क्षेत्रों में स्थित ब्रेड फैक्टरियां और आटा मिल भी लॉकडाउन के दौरान काम शुरू कर सकते हैं। कोरोना वायरस लॉकडाउन का असर बच्‍चों की पढ़ाई पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने यह कदम उठाया था।

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