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मेरे आराध्य हनुमान जी से क्षमा सहित !

हनुमान जी “पटेल” थे , क्योंकि पटेल में “टेल” शब्द आता है जिसका हिंदी में मतलब पूँछ है और हनुमान जी के पूँछ थी !
हनुमान जी “मिश्रा” थे , क्योंकि उनमें शिव जी और पवन देव की शक्तियां “मिश्रित” थीं , उनको मिश्री भी खाने में अच्छी लगती थी !
हनुमान जी “चौरसिया” थे क्योंकि उन्होंने सीता माता का पता लगाया था और सीता माँ का एक नाम “सिया” भी है !
हनुमान जी “यादव” थे , क्योंकि उनको सभी वेद , उपनिषद और सारी शिक्षा जो गुरु सूर्यदेव ने दी थीं वो “याद” हो गयी थी !
हनुमान जी “कुशवाहा” थे , क्योंकि अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को बचाने के लिए जब वो लव कुश से लड़ रहे थे तब “कुश” ने उनको बांध लिया था !
हनुमान जी “गुप्ता” थे क्योंकि वो “गुप्त” रूप से लंका में प्रवेश किये थे !
हनुमान जी “तिवारी” थे क्योंकि उनके नाम पर मंगलवारी भंडारा चलता है !
हनुमान जी “पाण्डेय” थे क्योंकि उन्होंने पाण्डुपुत्र भीम के अभिमान को नष्ट किया था !
हनुमान जी “पासवान” भी थे क्योंकि वो बलवान थे औ बलवान ,पासवान में एक ही प्रत्यय लगा हुआ है !
हनुमान जी सनातनी थे , अत: हर धार्मिक व्यक्ति उनको अपना मान कर उनकी पूजा कर सकता है !
“जाकी रही भावना जैसी ,प्रभु मूरति देखिन्ही तिन तैसी” !
अब इस विषय पर फालतू की बकवास बन्द होनी चाहिए !

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