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अपह्रत युवक तीन घंटे में बरामद, तीन गिरफ्तार, एक नामजद

नीमच। बीती 26 जनवरी को भाटखेड़ी नाका मनासा के पास से अपह्रत हुए एक युवक को पुलिस ने महज तीन घंटे में ही खोज निकाला। वहीं तीन अपरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा एक अपरणकर्ता को नाजमद किया गया।
जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे के करीब दिलीपसिंह पिता कल्लूसिंह राजपूत निवासी गुर्जरखेड़ी सांखला, हाल मुकाम भाटखेड़ी नाका मनासा एक डेयरी पर दूध लेने गया था। इसी बीच दो बाइकों पर आये 4 लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे अपने साथ उठा ले गये। इस घटना का पता चलते ही वहां हड़कम्प मच गया। बाद में इस सूचना को जिला पुलिस कप्तान राकेश कुमार सगर द्वारा गंभीरता से लिया गया तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्रसिंह पंवार व मनासा एसडीओपी आर.सी.भाकर के मार्गदर्शन में मनासा थाना प्रभारी किशोर पाटनवाला के नेतृत्व में एक टीम गठीत की। जहां इस टीम ने गुड्डीबाई पति रामलाल नायक निवासी भाटखेड़ी से पूछताछ की। जिसमें पता चला कि उसकी लड़की मंजू का विवाह करीब डेढ़ साल पूर्व दिलीपसिंह के साथ हुआ था। वहीं आठ दिन पूर्व उसके यहां एक बालक जन्म हुआ। मंजूबाई का विवाह पूर्व में गजराज नायक निवासी लोध थाना जावद के साथ होने की बात भी सामने आई। जिस पर पुलिस की शंका की सुई गजराज व उसके परिवार तक पहुंची। बाद में पुलिस ने मुखबीर सूचना पर पता चला कि उक्त घटना को गजराज, उसके पिता मुन्नालाल, भाई नागेश व फोरूलाल के द्वारा घटित की गई। जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई व ग्राम कान्याखेड़ी की तरफ रवाना हो गई। वहीं इस टीम में उनि. डी.एस.चौहान के साथ ही डीकैन चौकी प्रभारी रामपालसिंह राठोड़ को भी लिया गया। इस बीच पुलिस टीम को आरोपी गजराज एक टीवीएस स्टार बाइक पर भागता हुआ मिल गया। जिसे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा तो उसके पास से दिलीप का मोबाइल फोन मिल गया। बाद में पूछताछ में गजराज ने बताया कि उसकी पहली पत्नी मंजू बाई से दिलीपसिंह ने शादी कर ली लेकिन समाज में झगड़े का हिसाब नहीं किया। जिसे लेकर ही उक्त वारदात कारित की गई।
बाद में पुलिस ने अम्बामाता जंगल से अपह्रत दिलीपसिंह को मुन्नालाल, नागेश के कब्जे से मुक्त करा लिया। वहीं इस प्रकरण में फरार फोरूलाल पिता किशनलाल नायक निवासी गुर्जरखेड़ी को नामजद किया गया।

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