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नष्ट नहीं हुआ डोडा चूरा, आए दिन हो रही तस्करी

नीमच सिटी पुलिस को मिली सफलता डोडा चूरा के साथ पंजाब के तस्कर दबोचा

जिले में नई अफीम की पैदावर हो गई है, लेकिन जिले के गत वर्ष अफीम की फसल से निकले डोडा चूरा को नष्ट करने का मापदंड अभी तक राज्य सरकार व विभाग तय नहीं कर पाये है। जिसके चलते नीमच जिले में डोडा चूरा की तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है पंजाब हरियाणा के तस्कर नीमच में आकर डोडा चूरा की तस्करी कर रहे हैं और किसानों से डोडा चुरा खरीद रहे इसका खुलासा गुरुवार को हुआ जब नीमच सिटी पुलिस ने एक पंजाब के तस्कर को गिरफ्तार कर कर उससे डोडा चूरा जप्त किया है नीमच सिटी थाना प्रभारी नरेंद्रसिंह ठाकुर ने बताया की पुलिस ने भाटखेडा फंटे पर सुबह दस बजे एक कार को पकडा। इसके अंदर करीब डेढ क्विंटल डोडाचूरा मिला है। मौके से आरोपी राजेंद्रसिंह निवासी पटियाला पंजाब को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ जारी है कि वह किन तस्करों से उक्त डोडाचूरा लाया था और यह खेप किसे देने के लिए जा रहा था। 

 डोडा चूरा बेचने वाला भी अपराधी

चुनाव से पहले या चुनाव के बाद जरूर राजनीतिक पार्टियां डोडा चुरा को किसानों के हित में नीति बनाने को लेकर कई बार बातें कही है मगर आज तक इसको लेकर कभी कोई नियम नहीं बनाया गया है इसके चलते जिले में अफीम डोडा चूरा की तस्करी बेलगाम हो रही है। ऐसे में अवैध रूप से डोडा चूरा की तस्करी करने वाले कार की डिक्की व अन्य साधनों की बॉडी आदि में रखकर तस्करी कर रहे हैं। लेकिन आबकारी विभाग व नारकोटिक्स विभाग इस दिशा में कोई काम नहीं कर पा रहे हैं लालच में किसान  अपना डोडा चूरा तक बेच रहे हैं गौरतलब है किमध्यप्रदेश में लंबे समय से डोडा चूरा की खरीदी नहीं हो रही है किसानों के पास क्या 4 साल से डोडा चूरा पड़ा हुआ है और उसमें जीव जंतु पनपने लगे हैं इसी के चलते कई किसान ने तो लालच के चलते तस्करों के हाथों में डोडा चूरा सौप दिया हैं

किसानों के पास है डोडा चूरा, लालच के चक्कर में बेच रहे

जिले में अफीम किसान किसानों का डोडा पिछले ३से ४ साल डोड़ चूरा नष्ट नही हुआ है। लेकिन विभाग द्वारा कोई स्पष्ट नियम नहीं होनेे से नष्ट करने की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। घरों में रखे डोडा चूरा को निगरानी के लिए भी किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं तस्करों द्वारा अधिक पैसे देने पर किसान चोरी छुपे डोडा चूरा बेच रहे हैं। जिले में आए दिन अफीम व अन्य तरह की तस्करी के मामले सामने आ चुके है।

जिले में छोटे तस्कर हुए सकिय

पिछले दो सालों में डोडाचूरा की तस्करी बढ़ी है। इसका एक कारण खरीदी नहीं होना है। इसके साथ ही बड़े तस्कर कमल राणा के गिरफ्तार होने के बाद अन्य छोटे तस्कर सक्रिय हो गए हैं इसलिए आरोपियों की संख्या भी बढ़ी है। पहले राणा किसानों के घरों से ही डोडाचूरा खरीद लेता था और अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। 2016 में उसे नीमच पोस्टिंग के दौरान मैंने ही गिरफ्तार किया था। कानूनन डोडाचूरा को एनडीपीएस से बाहर किया जाना चाहिए क्योंकि डोडाचूरा में 0.1 प्रतिशत मार्फिन होती है जबकि धारा में 0.2 प्रतिशत मार्फिन होने पर ही प्रकरण बनाया जाना चाहिए।

लगातार पकड़े जा रहे मामले
तस्करी में अब भी नीमच गढ़ ही बना हुआ है। नीमच  मादक पदार्थों की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। यहां अन्य राज्यों के तस्कर पकड़े जा रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि जब अफीम की फसल होती है तब ही बाहर के बड़े तस्कर स्थानीय नेटवर्क के जरिए अपनी जमावट कर लेते हैं। कोई भी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि तस्करी का जो माल पकड़ा जा रहा है वह अधिकारी भी जानते हैं। यह भी जानकारी सर्वविदित है कि मालवा क्षेत्र से अफीम, डोडा चूरा की ब्लेक मार्केटिंग राजस्थान, हरियाणा, पंजाब सहित सीमावर्ती प्रांतों तक होती है। मादक पदार्थों की कमी होने के कारण भाव भी ब्लैक मार्केट में तस्करों के हिसाब से तय हो रहे हैं। मादक पदार्थों की काले बाजार में मांग के अनुसार पूर्ति कम हो पा रही है।


डोडा पाउडर और स्मैक की तस्करी बढ़ी
इस क्षेत्र में अब तक डोडा चूरा और अफीम की तस्करी आमतौर पर होती रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में स्मैक का अवैध कारोबार भी फला फूला है। स्थानीय स्तर पर तो इसकी खपत बड़े पैमाने पर होती ही है लेकिन यहां से बाहर भी भेजी जाती है। इसके अलावा इस बार पीसे हुए डोडा चूरा की तस्करी भी बढ़ी है। पाउडर के पैकेट यहां से बाहर भेजे जाते हैं। पूरव ही में चार ऐसे मामले पकड़े गए हंै।

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