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गुंडा मनीष बोला: मैंने आज तक सुपारी लेकर नहीं किया कोई अपराध

नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या करने वाला गुंडा मनीष बैरागी 23 जनवरी तक पुलिस रिमाण्ड पर है

मंदसौर।  जिससे घटना के सबंध में दो दिन से खुद एसपी तुषारकांत विद्यार्थी, एएसपी सुंदरसिंह कनेश, सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला, टीआई विनोद कुशवाह, कोतवाली टीआई एसएल बोरासी सहित कई एसआई पूछताछ करने में जुटे हुए है। लेकिन दो दिन में पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी ने सिर्फ इतना बताया है कि मनीष को कोई खरीद नही सकता है। उसने आज तक जो भी अपराध किए है, सिर्फ और सिर्फ अपने फायदे और अपने नुकसान के लिए किए है। इसलिए घटना के पीछे किसी का हाथ नही है। अपनी मां की मौत के बाद भी रूपए नही देने पर जो प्रण उसने लिया थाए उसे उसने पुरा किया है। जबकि खुद भाजपा के वरिष्ठ नेता से लेकर समाज भी सड़को पर उतर आएं है। सभी बस दादा को न्याय दिलाने के लिए बस सीबीआई जांच की मांग कर रहे है।
पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी गरोठ में अनुप शर्मा के घर पहुंचा थाए लेकिन यहां घटनावाली रात करीब 3 बजे तक इंतजार करने के बाद भी अनुप नही पहुंचा तो मनीष बैरागी ने उसके भाई से भवानीमंडी तक जाने के लिए मदद मांगी। ऐसे में अनुप के भाई सोनू शर्मा ने उसे भवानीमंडी तक अपनी कार में छोड़ा। वहां स्टेशन से वो ट्रेन में बैठकर पहले उदयपुर पहुंचा। यहां फिर एक प्रायवेट टैक्सी वाले से संपर्क कर प्रतापगढ़ तक का सफर उसने तय किया। मंदसौर से बस में बैठकर जाने की पुष्टी विजयलक्ष्मी बस के चालक और क्लीनर द्वारा भी की जाने की बात पुलिस की जांच में सामने आई है। यहां से धलपट और फिर सुरजनी और फिर भोपाल बस में बैठकर गरोठ पहुंचा।
अजय जाट भी रिमाण्ड पर-बंधवार हत्याकांड में मुख्य आरोपी मनीष बैरागी का साथी अजय जाट था। जिसने उसे पिस्टल उपलब्ध करवाई थी। एक पिस्टल की मेग्जीन में 6 और दुसरी में 5 गोलियां थी। यानि कुल 11 गोली दोनों मेग्जीन में थी। गांधीनगर में ट्रायल करने के दौरान अजय जाट भी मनीष के साथ मौजूद था। यानि उसे भी पता था कि मनीष प्रहलाद बंधवार की हत्या करेगा। पुलिस ने अजय जाट के कब्जे से एक खाली खोखा बरामद किया है। अजय का भाई महेश जाट लंबे समय से हथियार की खरीद.फरोख्त में लिप्त है। ये अधिकांश हथियार धार से लेकर आते है। यहां के सिकलीगर से इनके अच्छे सबंध बताए जाते है।
कोतवाली पुलिस ने पिटवा दी पुलिस की भद्द-नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के बाद मौके पर आधा घंटा देरी से पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उसमें भी भीड़ को चीरकर अंदर घुसने वाले अधिकारी में सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला थे। यहां लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश था। घटनास्थल कोतवाली थाना क्षेत्र का थाए और यहां पदस्थ टीआई एसएल बौरासी को घटना की जानकारी ही नही लगी। जबकि आम लोग प्रहलाद बंधवार को उठाकर आॅटो में डालकर अस्पताल ले गए। पुलिस की इसी सुस्ती के कारण लोगों का आक्रोश अब तक कायम है। यानि कोतवाली के थके हुए टीआई ने पुलिस की भद्द पिटवाई हैघ् पुलिस कप्तान को इस बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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