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सड़क पर बने गड्डे दे रहे मौत को दावत

(कोमलदास बैरागी)

खोर। पिछले काफी समय से ग्रामीण क्षैत्र से निकल रहे भारी वाहनों के कारण सड़को पर डामर कम गड्डे अधिक हो गए है। प्रशासन ने भारी वाहनों पर तो लगाम कसनी शुरू कर दी है। लेकिन पूरी तरह से गड्डो में तब्दील हो चुकी सड़को की सुध लेने का समय किसी के पास नही होने से ग्रामीण इन गड्डो में निकल कर ग्राम वासी अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर है। कल सोमवार को भी गाँव खोर से सरवानिया मसानी के बिच एक बाईक सवार ग्रामीण की गाडी के गड्डे में गिरने से पीछे बैठी उसकी पत्नी गम्भीर रूप से घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सरवानिया मसानी निवासी कारू लाल पिता नानुराम भील अपनी पत्नी एवम् बच्चों को लेकर उसके ससुराल होली का त्यौहार मनाने जा रहा था की गाँव से कुछ दूर ही सड़क पर बने गड्डे में बाईक के घिरने से पीछे बेठी उसकी पत्नी का संतुलन बिगड़ गया और वह सिर के बल सड़क पर जा घिरी। जिससे उसके सिर एवम् कंधे सहित पैर एवम् हाथ में चोट आई जिससे वह घिरते ही बेहोश हो गई। तभी रास्ते में निकल रहे लोगो ने उसे उठाया तथा सड़क के किनारे सुलाकर 108 को बुलाया। एवम् 108 से उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। यह तो गनीमत रही की उसके हाथ से बच्चा नही घिरा नहीं तो उसको भी घम्भीर चोट लग सकती थी। प्रशासन को चाहिए की अतिशीघ्र उक्त खोर से सरवानिया मसानिया , नागदा होकर केली निकल रहे सड़क मार्ग को व्यवस्थित बनवाने हेतु संबन्धित  ठेकेदार को आदेशित करें। ताकि कोई अगला गरीब ग्रामीण किसी हादसे का शिकार नही हो। 

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