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टायर फैक्टरी में लगी भीषण आग, बुझाने में मंदसौर प्रशासन रात तक नाकाम, भाजपा नेता की फैक्टरी बंद करवाने की मांग, कलेक्टर, एएसपी ने मौके से भगाया

मंदसौर, महावीर जैन । रविवार को ग्राम मुल्तानपुरा गांव से दूर स्थित भाजपा नेता महेन्द्र चौरड़िया की टायर फैक्टरी में अचानक आग लग गई। केमिकल की एयर का निकलने का ढक्कन खोलने के कारण उसमें से निकली गैस के कारण लगने की जानकारी सामने आई है। दोपहर में लगी आग पर पूरा प्रशासन मिलकर रात तक भी काबु नही पा सकां है। इसके लिए उज्जैन से तक फायर फायटर का वाहन बुलवाया गया। आग लगने के कारण फैक्टरी में काम कर रहे यूपी निवासी चार मजदूर बुरी तरह से झुलस गएए जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रैफर किया गया। सूचना मिलने पर कलेक्टर धनराजू एसए एडीएम अनिल डामोरए एएसपी सुंदरसिंह कनेशए एसडीएम शिवलाल शाक्यए सीएसपी राकेश मोहन शुक्लाए वायडीनगर टीआई विनोद कुशवाहए एसआई कमलसिंह मंडलोई सहित अन्य पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
कलेक्टर पहुंचे तो हरकत में आए अधिकारी-आग लगने की घटना के बाद मौके पर एसडीएम शिवलाल शाक्य और पुलिस अधिकारी पहुंच गए थे। लेकिन जब कलेक्टर धनराजू एस मौके पर पहुंचे तो सभी अधिकारी हरकत में आए। खुद कलेक्टर ने मुल्तानपुरा और रलायता सरपंच से बात कर जेसीबी बुलवाई। इसके बाद धीरे-धीरे करीब 6 जेसीबी और क्रेन भी पहुंच गई। इससे पहले एसडीएम शाक्य और पुलिस के अधिकारी केवल फैक्टरी के चारों और घुमकर आग और उससे निकलने वाला धूंआ देखने में मशगूल दिखे।
ये मजदुर बुरी तरह झुलसे-रविवार को ग्राम मुल्तानपुरा स्थित टायर फैक्टरी में आग लगने के कारण यहां काम कर रहे चार मजदुर बुरी तरह झुलस गए। सभी मजदूर यूपी के रहने वाले हैए जो फैक्टरी में काम कर रहे थे। पुलिस जांच में मजदुरों के नाम राजु पिता बुद्धराज उम्र 30 निवासी रमाईपूर चित्रकुट उत्तरप्रदेशए नारायण पिता ननकू उम्र 36ए भाई ललित उम्र 25 तथा नरेन्द्र पिता फुलचंद उम्र 19 निवासी भाराचंद्रा चित्रकुट यूपी शामिल है। सभी को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद अन्यत्र रैफर किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार सभी करीब 70 प्रतिशत तक जल गए है।
मुल्तानपुरा.रलायता सरपंच ने जताया विरोध-मुल्तानपुरा के सरपंच फारूख भाई, रलायता के सरपंच कैलाश पाटीदार और जनपद सदस्य अनवर हुसैन मलका ने टायर फैक्टरी में आग लगने के बाद मौके पर पहुंचे कलेक्टर और एएसपी के सामने फैक्टरी के संचालन को लेकर विरोध दर्ज करवाया। तीनों जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ फैक्टरी को हटाने की मांग की। कहा कि फैक्टरी से निकलने वाले दुषित धुंए से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है। जबकि इसमें सुरक्षा के इंतजाम भी नही है। लेकिन पहले एएसपी सुंदरसिंह कनेश ने उन्हें भगा दिया,और फिर कलेक्टर ने भी आग बुझाने को प्राथमिकता बताकर मुल्तानपुरा और रलायता के सरपंच और ग्रामीणों की शिकायत नही सुनी। यानि अधिकारी केवल आग लगी तो मौके पर पहुंचे, व्रना इससे पहले इस अवैध फैक्टरी के संचालन को लेकर किसी ने गंभीरता से इसके संचालन पर अकुंश लगाने की जहमत नही उठाई।
इलैक्ट्रीक जीतू से कलेक्टर ने की बातचीत-मौके पर पहुंचे कलेक्टर धनराजू एस ने फैक्टरी के इलेक्ट्रिक मेन जीतू कुमावत से बातचीत की। उसने बताया कि फैक्टरी के अंदर जो लोग थे, उन्हें बाहर निकाल दिया है। जबकि अंदर की सभी लाईनें मैंने खुद देखी है।

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