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इस गांव में कई सालों से नही जली हैं होली क्या हैं कारण देखे ये खबर

हुआ था खूनी संघर्ष मे कई जाने गई और रंगो के त्योहार पर खून की नदीया बह गई थी

नीमच। जिले का एक गाँव ऐसा जहा करीब 600 साल से होलीका का दहन नही हुआ। जहा होली के लिए लगाया एक डंडा आज एक विषाल वृक्ष बन गया है। रंगो के त्यौहार को 600 साल पुर्व खुनी रंग दे दिया गया था। हम बात कर रहे है नीमच जिले की सिंगोली तहसिल के गाॅव धनगाव की जो जिला मुख्यालय से करीब 90 किलो मीटर दुर स्थित इस गाॅव मे जो यह बडा वृक्ष दिखाई दे रहा है मान्यता है की करीब 600 वर्ष पुर्व यहा होली का डंडा रोपा गया था मगर मुहुर्त का समय निकलने और विवाद के चलते इस होली का दहन नही हो पाया। तब से आज तक यह होली नही जली, दरअसल ग्रामीण के अनुसार 600 वर्ष पुर्व यहा बाहर से आये भाई बहन को लेकर विवाद हुआ जिसके बाद लोगो के दो गुटो मे खुनी संघर्ष हो गया था इस खुनी संघर्ष मे कई जाने गई और रंगो के त्योहार पर खून की नदीया बह गई। विवाद के बीच होली के दहन का मुहुर्त भी निकल गया साथ रोपे गये डंडे मे अचानक से हरी पत्तीया भी निकल आई इसके बाद इस होली को नही जलाने का निर्णय ग्रामीणो ने लिया। तब से लेकर इस गाँव में सालो गुजरजाने के बाद भी आज तक होली नहीं जली।
आज के दिन होली पर इस गॉव मे इस वृक्ष की पूजा की जाती है और उसके बाद सभी ग्रामीण इस गाँव से दूसरे स्थान पर होली जलाते है। एक डंडे के रूप मे रोपी गई होली ने आज एक विषाल वृर्ष का रूप ले चुकी है। इस वृर्ष के पास ही एक मंदीर है जहा माॅं चामुंडा विराजमान है. होली के दिन ग्रामीण माता की भी पूजा करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र मे त्यौहार को लेकर भी कई तरह की किवदंतीया प्रचली है धनगाव की होली उसी की एक कडी है।


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