हार्मनी की सुरों से सजी संगीत संध्या दस्तक सम्पन्न

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नीमच 21 अक्टुबर (अब्दुल हुसैन बुरहानी)। मन का हरियाली से कैसा नाता है ? वसन्त में तो पत्ता-पत्ता गाता है …उक्त पंक्ति को चरितार्थ करते हुए गीत-संगीत से सराबोर हार्मनी का 28वॉ वार्षिक कार्यक्रम दस्तक समाजसेवी राकेश अरोरा गंगानगर, प्रसिद्ध उद्योगपति डी.एस. चौरडिया, नपाध्यक्ष राकेश पप्पू जैन, नेत्र विषेशज्ञ डॉ किशोर नरूला, समाजसेवी आशीष तोतला, श्रीमती सुचित्रा दिलीपसिंह परिहार, रेणु संतोष चौपड़ा, माधुरी अनिल चौरसिया, डॉ रंजना दीपक सिंहल, डॉ अंजू आशीष जोशी, निशा सुशील जाधव, स्नेहलता भरत जाजू, रमा सौरभ जिंदल, अंशु अक्षय गोयल, मोनिका अनिल नरेड़ी, सरिता घनश्याम गोयल, कृष्णा रामस्वरूप गोयल, के मुख्य आतिथ्य में आज 21 अक्टुबर-रविवार शाम 8.00 बजे स्थानीय राठौर परिसर नीमच में सम्पन्न हुआ।
इन मधुर गीतों की प्रस्तुति ने मोह लिया मन – प्रार्थना के पश्चात काश्वि गौड़ ने “उड़के पवन के” दिया मित्तल ने “बचपन की मोहब्बत को” राजेंद्र शर्मा ने “यू रूठो ना हसीना” रमा-लोरीना ने “हंसता हुआ नूरानी चेहरा” सौम्या रस्तोगी ने “हाय हाय यह मजबूरी” दक्ष-अमित ने “सेनोरिटा” मधुसूदन ने “मेरी भीगी भीगी सी” श्रद्धा जगताप ने “ओ रामजी बड़ा दुख दीना” सुबोध व्यास ने “तेरी तस्वीर” को जंबू कुमार जैन ने “गीत गाता चल” मुस्तफा (शकील) ने “क्या हुआ तेरा वादा” भूपेंद्र भारद्वाज ने “चाहिए थोड़ा प्यार” अंकिता ने “छाई बरखा बहार” शिवा ने “धीमे-धीमे गाउं” निष्ठा ने “काहे छेड़े” रवि शर्मा ने “तुम अगर साथ देने का वादा करो” श्रद्धा ने “अंखियों को रहने दो” सूरज ने “नैन लड़ जाई है” चंद्रशेखर ने “रुक जाना नहीं तू कहीं हार के” नन्हे कलाकारों ने “नन्ना मुन्ना राही हूं” तथागत शर्मा ने “ऊपर खुदा” सौम्या ने “जब तक है जां” रिंकू राठौर-रवि शर्मा ने “यह लड़का हाय अल्ला” भूपेंद्र-निष्ठा ने “लेकर हम दीवाना दिल” अंकिता-कमलेश ने “ओ रामा यह क्या हुआ” जम्बू कुमार-श्रद्धा ने “कोयल क्यों गाए” सुबोध ने “तेरे नैना” निष्ठा ने “घूमर-घूमर” भूपेंद्र,रवि,अंकिता ने “मेडले (हम किसी से कम नहीं) एवं सोनल मेघवानी ने “आयो रे मारो ढोलना” गीत की शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया।
वैसे तो सभी ने शानदार गीत प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया,किंतु सर्वाधिक तालियां बाल कलाकार तथागत शर्मा के “ऊपर खुदा नीचे जमी” ने बटोरी।
लगातार 28 वर्षों से हार्मनी शहर की जनता को देती आ रही है संगीत की मधुर सौगात
गौरतलब है कि हार्मनी संस्था शहर में सन 1991 से हर वर्ष गीतों का शानदार कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है,जिसमें उच्च श्रेणी के लेटेस्ट वाद्य यंत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट के साथ ही बड़ी स्क्रीन पर संबंधित फिल्म के गीत भी साथ ही साथ चलते हैं, जो कि दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं।इसमें सभी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत इतने उच्च कोटि के होते हैं कि वह श्रोताओं का मन मोह लेते हैं,एवं श्रोता अंतिम गीत खत्म होने तक उसे बड़े ही मंत्रमुग्ध होकर सुनते हैं। हार्मनी की प्रस्तुति इतनी उच्च कोटि की होती है कि संगीत प्रेमियों को हर वर्ष उसका बेसब्री से इंतजार रहता है।
इनका किया गया सम्मान –
यूं तो हार्मनी संस्था में सभी कार्य मिलजुलकर टीम वर्क के रूप में होता है,किंतु संस्था में उत्कृष्ट योगदान देने एवं उल्लेखनीय कार्यों हेतु रवि शर्मा,कमलेश कंडारा एवं भूपेंद्र भारद्वाज का भरे मंच से सम्मान किया गया।कार्यक्रम का हमेशा की तरह सफल संचालन सदाबहार मुकेश भटनागर एवं बच्चन नरवाले ने किया।

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